बच्चों को पढ़ाना छोड़ा, पुलिया बनाने में जुटे सहायक शिक्षक; निलंबन आदेश जारी” “जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा– शिक्षा व्यवस्था से समझौता बर्दाश्त नहीं”

“बच्चों को पढ़ाना छोड़ा, पुलिया बनाने में जुटे सहायक शिक्षक; निलंबन आदेश जारी”
“जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा– शिक्षा व्यवस्था से समझौता बर्दाश्त नहीं”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।शिक्षा विभाग में लापरवाही और अनुशासनहीनता पर अब प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी की बड़ी कार्यवाही में सहायक शिक्षक सुधीर कुमार राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश 19 अगस्त 2025 की सुबह 10 बजे से लागू माना जाएगा।

आरोप है कि सुधीर कुमार राय शिक्षक की जिम्मेदारी निभाने के बजाय ठेकेदारी का धंधा कर रहे थे। वे स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय सीसी रोड और पुलिया निर्माण जैसे कामों में व्यस्त थे। इस बात की शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुंच रही थीं। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सही पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
निलंबन आदेश में कहा गया है कि सेवा आचरण नियम 1965 और 1966 का उल्लंघन करते हुए शिक्षक ने न केवल अपने दायित्व की अवहेलना की, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की साख को भी ठेस पहुंचाई। निलंबन की अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) मिलेगा और मुख्यालय में ही रहना अनिवार्य होगा। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी अलग से जारी रहेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा – “शिक्षक का पहला और सबसे बड़ा कर्तव्य बच्चों को शिक्षा देना है। अगर कोई अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ेगा और अनुशासनहीनता करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा व्यवस्था से समझौता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में पदस्थ कई कर्मचारियों पर लापरवाही और शिथिलता के आरोप लगते रहे हैं। इस कार्रवाई ने पूरे अमले को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।





